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Nothing to say, yet
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मा ये सिर्फ एक सब्द नहीं है पूरी दुनिया है मा एक हस्ती है जो जान है मेरी जो जान से भी बड़कर शान है मेरी रभ हुक्म दे तो करदू सजदा उसे क्योंकि वो कोई और नहीं मा है मेरी मा के लिए कुछ लाए हर मंदिर हर मस्चित और हर चोखट पर माथा टेका दूआ तो कभूल हुई जब माती पैरों में माथा टेका