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RABINDRA SANGEET
RABINDRA SANGEET
अजी विजन हले निशीत्राते आशबे दोधी सुन्न हाते अमी जाइते की भय मानी जानी जानी बंदु जानी तमार आशे तो हाथ कानी आरी विजन हले चावा पावार पधे पधे दिन के तेचे कुनो मदे अकोर समय होरो तुमार काशे आपना के ती आमी जाइते की भय मानी जानी जानी बंदु जानी तुमार आशे तो हाथ कानी आरी विजन हले आधार धाकु दिके दिके आथा संगलो करा तुमार परोष्ट धाकु आमार स्रिराय भरा जीवन दोलाई दुले दुले आपनाने छीलें भुले अकोन जीवन मरन दुदिकती नेवे आमाई जानी जानी जानी बंदु जानी तुमार आशे तो हाथ कानी आरी विजन हले मिशीत राते आशमे दोली सुन्न आते आमी जानी के की बाई मानी जानी जानी बंदु जानी तुमार आशे तो हाथ कानी आरी विजन हले